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खस्ताहाल मार्गों ने बढ़ाई परेशानी, प्रशासन कर रहा मरम्मत कार्य की ओर अनदेखी

  • सिंदी(मेघे), आलोडी में समस्या हो गई गंभीर

वर्धा. बारिश के दिनों में शहर से सटे ग्रामपंचायत क्षेत्र में मार्गों की हालत अत्यंत दयनीय बनी हुई है़ निरंतर मरम्मत कार्य की ओर अनदेखी होने के कारण जगह-जगह गड्ढे पड़ने से मार्ग से आवागमन करना मुश्किल हो गया है. इसके चलते मजबूरन नागरिकों को जान हथेली में रखकर प्रतिदिन आवागमन करना पड़ रहा है़ सिंदी (मेघे), साटोडा, आलोडी ग्रापं क्षेत्र में समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है.

सड़क, नालियां और कचरे का नहीं नियोजन

पिछले कुछ वर्ष में शहर से सटे सिंदी(मेघे), पिपरी, आलोडी, नालवाडी, म्हसाला आदि ग्रामपंचायत क्षेत्र में सर्वाधिक नई कालोनियां बनी है, जिसमें फ्लैट्स स्कीम का भी समावेश है़  क्षेत्र की निरंतर जनसंख्या बढ़ने के बावजूद भी रास्ते, नालियां, कचरे का नियोजन करने में संबंधित ग्रापं प्रशासन विफल साबित हो रहा है़  बारिश के दिनों में अनेक मार्ग गड्ढेमय हो गए है, जिससे नागरिकों को आवागमन करने में मुश्किलें आ रही है़

शांतिनगर, नागठाना मार्ग पर बढ़ रहे हादसे

सिंदी(मेघे) ग्रामपंचायत के अंतर्गत आने वाले शांतिनगर, नागठाना मार्ग यातायात के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है़  नागठाना मार्ग से सावंगी की ओर जाने में सहूलियत होती है़  इससे सावंगी मेडिकल कालेज के साथ ही परिसर में अन्य कालेज में जाने वाले लोगों की संख्या अधिक है़ उसी प्रकार आसपास की कालोनी के नागरिकों को यहीं से गुजरना पड़ता है़ साथ ही शांतिनगर से वायफड, रसूलाबाद, झाडगांव, बेलगांव, मांडगांव जाने वाले नागरिक इसी मार्ग का उपयोग करते है़ जय भीम बुद्ध विहार से शांतिनगर चौक तक मार्ग पर गड्ढे निर्माण हो जाने से आवागमन करना मुश्किल हो गया है़  हादसों का प्रमाण काफी बढ़ गया है.

साटोडा, आलोडी में भी घर जाने की समस्या

साटोडा, आलोडी, म्हसाला में लोगों को घरों में जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है़ अनेक मार्ग गड्ढेमय हो गए है़ं कुछ जगह खड़ीकरण भी नहीं हो जाने से मार्ग पूर्णत: कीचड़मय हो गए है़ं अत्यधिक बारिश आने पर लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे है़ हजारे लेआउट, ढोबले लेआऊट के नागरिकों को तो अपने वाहन दूर रखकर ही इन दिनों अपने घर जाना पड़ रहा है़ ऐसे में किसी परिवार के सदस्य की तबीयत बिगड़ती है, तो समस्या काफी गंभीर हो जाती है़  समस्या की ओर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी हो गया है.

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