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Kidnapping

ओझर परिसर के नाबालिग लड़कियों (Minor Girls) के अपहरण मामले की ‘ऑपरेशन मुस्कान’ (Operation Muskaan) अंतर्गत जांच करते समय नाशिक ग्रामीण पुलिस (Nashik Rural Police) ने तीन महिला व दो पुरुषों के गिरोह को गिरफ्तार (Arrested) किया है। जांच के दौरान अनेक सनसनीखेज खुलासे हुए है। संदिग्धों ने इस नाबालिग युवतियों की शादी के लिए दूसरे राज्यों में 1 लाख 75 हजार रुपए के अनुसार बिक्री की थी। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन में पहुंचे नाशिक ग्रामीण पुलिस पर स्थानीय लोगों ने पथराव किया। इसके बावजूद पुलिस कर्मियों ने नाबालिग लड़कियों को अपने कब्जे में लेकर मुक्त किया। इस मामले में संदिग्धों के माध्यम से और कुछ मामलों की खुलासे होने की संभावना पुलिस अधीक्षक सचिन पाटिल ने जताई है। सातपुर के कार्बन नाका परिसर निवासी प्रियंका देविदास पाटिल, निफाड तहसील के ओझर स्थित दस मैल परिसर निवासी रत्ना विक्रम कोली, धुलिया जिले के शिरपुर निवासी सुरेखाबाई जागो भिला और मध्यप्रदेश के खरगोन स्थित लखापूर निवासी नानुराम येडू मनसारे, गोविंद नानुराम मनसारे को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने सुरेखा को किया गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार ओझर पुलिस स्टेशन में विगत 23 जुलाई को 14 वर्षीय नाबालिग लड़कियों का अपहरण होने की शिकायत दर्ज कि गई थी। इसके बाद ओझर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान अंतर्गत मामले की जांच करते हुए महामार्ग के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसके बाद पुलिस ने मुख्य संदिग्ध और लड़कियों को झांसा देकर उनका अपहरण करने वाली प्रियंका पाटिल को गिरफ्तार किया। जांच के बाद पुलिस ने नाबालिग लड़की रत्ना कोली की मदद से शिरपुर निवासी सुरेखा भिला को 1 लाख 75 हजार रुपए में बिक्री करने की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद पुलिस ने सुरेखा को गिरफ्तार किया। लड़की की तलाश में पुलिस गुजरात के बडोदरा में पहुंची। इसके बाद लड़की मध्यप्रदेश के खरगोन में होने की जानकारी मिली। जहा से पुलिस ने लड़की को मुक्त किया। साथ ही नानुराम मनसारे, गोविंद मनसारे सहित तीन महिलाओं को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक सचिन पाटिल के मार्गदर्शन में ओझर के पुलिस निरीक्षक अशोक रहाटे, उपनिरीक्षक जी. ए. जाधव, उपनिरीक्षक अर्चना तोडमल, हवलदार आहिरराव, धारबले आदियों ने अंजाम दिया. ओझर पुलिस थाना में ह्युमन ट्रैफिकिंग एक्ट के अनुसार प्रकरण दर्ज किया गया है।

पैसे, नौकरी का झांसा

संबंधित 14 वर्षीय अपहृत लड़की को पैसे और नौकरी का झांसा दिखाकर अपहरण किया गया। इसकी जांच में दुसरे राज्यों के साथ लिंक सामने आई। बड़े रैकेट का खुलासा हुआ संदिग्धों ने संबंधित लड़की का खरगोण में ब्याह रचाने का प्रयास किया। इससे पूर्व भी संदिग्धों ने पंचवटी और सातपुर से लड़कियों का अपहरण करने की जानकारी जांच के दौरान सामने आई। संदिग्ध महिला ग्रामीण, झोपड़ियों की लड़कियों की जानकारी प्राप्त करते हुए उनका भरोसा जितती है, इसके बाद उन्हें पैसे, नौकरी का झांसा देकर उनका अपहरण करती है।

स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल होगा

नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उनकी बिक्री करने वाला संगठित गिरोह है। ऑपरेशन मुस्कान अंतर्गत विगत पाच वर्षो में दाखिल प्रकरणों की फिर जांच शुरू की जाएगी। इस मामले में खरगोन के पुलिस अधीक्षक के साथ तालमेल रखा जाएगा। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच होगी। (सचिन पाटिल, पुलिस अधीक्षक, नाशिक ग्रामीण)

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