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 रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बृहस्पतिवार को मानव तस्करी की आशंका में 21 नाबालिग बच्चों समेत 33 लोगों को प्रयागराज जंक्शन पर महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन से उतारा। आरपीएफ के निरीक्षक शिव कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें एनजीओ ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की ओर से सूचना मिली कि बिहार और बंगाल के बच्चों को महानंदा एक्सप्रेस से दिल्ली ले जाया जा रहा है।

सिंह ने कहा कि इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए ट्रेन से 33 लोगों को उतार लिया गया जिसमें 21 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। वयस्क लोगों में एक मौलाना और उसका शिष्य और दो मजदूरों के एजेंट शामिल हैं। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने बताया कि नाबालिग बच्चों को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है और उनकी काउंसलिंग की जा रही है। मिश्रा के अनुसार पूछताछ में ये बच्चे अपना नाम आदि बताने में असमर्थ दिखे और इनके पास कोई वैध दस्तावेज भी नहीं है।

इस बीच, बृहस्पतिवार की शाम मौलाना के साथ कुछ बच्चों ने प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित प्रतीक्षालय में नमाज पढ़ने की कोशिश की, लेकिन जीआरपी और आरपीएफ के जवानों के मना करने पर उन्होंने नमाज बीच में ही छोड़ दी। सिंह ने बताया कि मीडिया में नमाज पढ़ने की खबर पूरी तरह से सही नहीं है, क्योंकि जैसे ही सिपाहियों की नजर उन पर पड़ी, उन्होंने तुरंत मौलाना और बच्चों को नमाज पढ़ने से रोका जिस पर वे मान गए और नमाज बीच में ही छोड़ दी। (एजेंसी)

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