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facebook Meta-own फेसबुक ने आज अपनी पहली वार्षिक मानवाधिकार रिपोर्ट जारी की, जिसमें रे-बैन स्टोरीज स्मार्टग्लास से जुड़े रिस्क पर प्रकाश डाला गया है. मेटा ने माना है कि स्मार्ट चश्मा प्राइवेसी को खतरे में डालता है. रे-बैन और मेटा द्वारा विकसित स्मार्ट ग्लास में दो कैमरे, ओपन-ईयर स्पीकर और एक माइक्रोफोन है, जो एक मिनट तक का वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है.स्मार्ट ग्लास ऐसा लगता है, जैसे को सामान्य चश्मी हो, लेकिन फैशनेबल आईवियर के भीतर रिकॉर्डिंग डिवाइस होता है.

वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स के टेक रिपोर्टर रेयान मैक ने स्मार्ट ग्लास द्वारा गलत ढंग से होने वाली रिकॉर्डिंग के मुद्दे को लेकर मेटा की जागरूकता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि
कंपनी कह रही है कि डिवाइस द्वारा रिकॉर्ड किए जा रहे लोगों से इंफोर्मड कन्सेन्ट एक मुद्दा है, लेकिन यह यूजर्स रिसर्च करने के अलावा इसे ठीक करने के बारे में कोई प्रस्ताव नहीं देता है. यह बस शब्दों का जाल है.

इंफोर्मड कंसेन्ट लेना का कोई तरीका नहीं
उन्होंने कहा कि मैं आश्वस्त होने के लिए खुश हूं, लेकिन शायद चश्मे की तरह दिखने वाले रिकॉर्डिंग डिवाइस के लिए दर्शकों से इंफोर्मड कंसेन्ट लेना का कोई तरीका नहीं है? रिकॉर्डिंग के दौरान चालू होने वाला रेड डॉट इंफोर्मड कंसेन्ट नहीं है. वहीं, द वर्ज के एडिटर इन चीफ निलय पटेल का कहना है कि ऑग्मेन्टेड रियलिटी और स्मार्ट ग्लास एक वर्ल्ड- ऑल्टरिंग समस्या पैदा करने जा रहे हैं और यह किसी भी टेक कंपनी के आगे जाने का प्रमाण है.

क्या कहती है मानवाधिकार रिपोर्ट
मेटा ने मानवाधिकार रिपोर्ट का संचालन करने के लिए कानूनी फर्म फोले होग को नियुक्त किया. कंपनी पर वर्षों से आरोप लगते आए हैं कि उसने भारत और म्यांमार जैसे स्थानों में हिंसा को बढ़ावा देने वाले ऑनलाइन दुर्व्यवहारों पर आंखें मूंद ली थीं.

मेटा का जवाब
वहीं, इस पर मेटा का कहना है कि कानूनी फर्म ने मेटा के प्लेटफार्मों के लिए थर्ड पार्टी के कारण होने वाले प्रमुख मानवाधिकार जोखिमों से जुड़े होने की क्षमता को नोट किया था. जिसमें घृणा की वकालत करना, जो शत्रुता, भेदभाव या हिंसा को उकसाती हो शामिल है.

कंपनी स्मार्ट ग्लास होने वाले रिस्क पर नजर रखेगी
मेटा ह्यूमन राइट्स के डायरेक्टर मिरांडा सिसंस का कहना है कि मेटा ने ऑग्मेन्टेड और वर्चुअल रियलिटी टेक्नोलॉजी का विश्लेषण को मेटावर्स पर प्राथमिकता दी है. इससे पता चलता है कि मार्क जुकरबर्ग की अध्यक्षता वाली कंपनी स्मार्ट ग्लास टेक्नोलॉजी से सामने आए जोखिमों पर नजर रखेगी.