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एकर श्रेय त कई जाना के नामे गइल बाकिर जे सबसे ज्यादा एके हकदार रहे उ रहलें धोनी. अपना गजब के बल्लेबाजी, अटूट धैर्य अउरी सूझ बूझ वाला कप्तानी के चलते उ भारत के एतना बड़ सम्मान के हकदार बनवलें. 2007 के उ दौर जब हर केहु ई बात मान लिहल कि धोनी क्रिकेट जगत के अइसन खिलाड़ी हवें जे प्रतिद्वंदी टीम के जीत वाला होनी के अनहोनी में बदल सकेलें अउरी अपना टीम के हार के अनहोनी, होनी में बदल सकेलें.

धोनी के सुप्रीम कोर्ट के ओर से नोटिस आइल बा, उनका साथे आम्रपाली ग्रुप के भी नोटिस गइल बा. कारण बा आम्रपाली ग्रुप पर पइसा लिहला के बादो फ्लैट पूरा करके ग्राहक के पजेशन ना देहला के. ई मामला 2016 में खूब जोर पकड़ले रहे. नोयडा में आम्रपाली ग्रुप अपना रिहाइशी बिल्डिंग के प्रोजेक्ट में एडवांस रुपया लेके ग्राहक के समय पर फ्लैट के डिलीवरी नइखे कइले. ए बात पर लोग प्रदर्शन कइल त मामला दिल्ली हाई कोर्ट में गइल, उहाँ जांच कमिटी के गठन भइल. फेर पीड़ित लोग मामला के सुप्रीम कोर्ट में उठावल. ग्राहक लोगन के तर्क रहे कि आम्रपाली ग्रुप के लगे फंड नइखे एही से प्रोजेक्ट पूरा होखे में देरी होता.

एमें धोनी के नाम एहसे उछलल काहें कि तब धोनी आम्रपाली ग्रुप के ब्रांड एम्बेसडर रहलें अउरी कई गो प्रमोशन शूट भी कइले रहलें. उनके ब्रांड अम्बेसडर के फीस के रूप में करीब 150 करोड़ रुपया आम्रपाली ग्रुप के लगे बकाया बा. जब जांच कमेटी बनल त धोनी ओकरा लगे अपना बकाया के भुगतान करे खातिर अर्जी दिहलें. अब ग्राहक लोग एही बात पर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगवले बा कि जदि पहिलहीं से फंड के कमी से जूझत आम्रपाली ग्रुप धोनी के बकाया भुगतान कर दी त कहीं ओ लोग के ड्रीम होम के सपना अधर में लटकले ना रही जाव. अब सर्वोच्च न्यायालय आम्रपाली ग्रुप आ धोनी दुनु जाना के नोटिस देहले बा कि आपन मामला जल्दी से सलटाव लोगिन.

धोनी विवाद आ क्रिकेट दुनु से कबो दूर नइखन रहल
धोनी अब एकतालिस साल के हो गइल बाड़ें. हालांकि कवनो खिलाड़ी के उम्र बढ़ेला त ई अच्छा बात ना होला, काहें कि ओकरा बढ़त उम्र के साथे ई भय भी बढ़त जाला कि ओकरा के मैदान में खेलत देखे के संभावना घटत जा रहल बा. धोनी हालांकि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के सगरो फॉर्मैट से सन्यास ले लेहले बाड़ें बाकिर आईपीएल में उनके धमाकेदार प्रदर्शन हमेशा देखे के मिलत रहेला. ऊ एगो कहावत बा नू अंग्रेजी में, “एजिंग लाइक अ फाइन वाइन”. जेतने शराब पुरान होला, ओतने जानदार होला, धोनी के साथे भी इहे बा, उनके उम्र बढ़त बा, बाकिर उनके अंदर के खिलाड़ी अभियो जवान बा. पिछला आईपीएल में उ अपना टीम चेन्नई सुपरकिंग्स खातिर कई मैच में फिनिशिंग पारी खेललें अउरी अपना दर्शक आ आलोचक दुनू के बता देहलें कि शेर भले बुढ़ाइल बा, बाकिर शिकार के ओकर तेजी अभियो बरकरार बा. धोनी शानदार फिनिशर मानल जालें आ एह साल के आईपीएल में उ तीन चार बेर आके मैच के अंतिम समय में जान फूंकले बाड़ें अउरी अपना टीम खातिर स्कोर कइले बाड़ें.

धोनी के जिनगी भी क्रिकेट के अनिश्चितता लेखां रहल बा
धोनी माने महेंद्र सिंह धोनी के जनम तब के बिहार में पड़े वाला रांची में 7 जुलाई 1981 के भइल. अब रांची झारखंड के अलग भइला के बाद ओकर राजधानी बा. उनके पिता रांची के एगो स्टील फैक्ट्री के रिहायशी कॉलोनी में पंप ऑपरेटर रहलें. उनके पिता के नाम पान सिंह धोनी अउरी माई के नाम देवकी देवी ह. हालांकि उनके पिता के पूर्वज अल्मोड़ा के लवाली गाँव के रहे लोग. धोनी के प्रारम्भिक पढ़ाई डीएवी जवाहर विद्या मंदिर में भइल, उ स्कूल के फुटबाल टीम में गोलकी रहलें. उनके कोच केशव रंजन बनर्जी जब बालक महेंद्र के गेना पकड़े के कला देखलें त उनके क्रिकेट खेले के सलाह देहलें. पहिले त धोनी के अटपटा लागल बाकिर उ क्रिकेट खेलल चालू कइलें. उनके शानदार विकेटकीपर के शैली देख के रांची के कमांडो क्रिकेट क्लब में कई साल तक स्थाई विकेटकीपर के भूमिका मिल गइल. ई समय रहे जब धोनी 14 – 15 साल के रहलें. उनके बेहतरीन प्रदर्शन के देख के वीनू मांकड़ ट्रॉफी खातिर अन्डर 16 टीम में ले लिहल गइल.

धोनी 1999 में जब 18 साल के रहलें तब उनके अलग अलग प्रतियोगिता में शानदार विकेटकीपिंग आ बल्लेबाजी के प्रदर्शन देख के बिहार रणजी टीम में शामिल कर लिहल गइल. इहवाँ उ आसाम टीम के खिलाफ बहुत बढ़िया बल्लेबाजी कइलें. उ लगातार चार मैच में चार गो पचासा मरलें. ई सब धीरे धीरे उनके बारे में हवा बनावत रहे. 2000 में झारखंड बिहार से अलग भइला के बाद उ झारखंड से खेले लगलें. देवधर ट्रॉफी अउरी प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफी के फाइनल में उनके शानदार प्रदर्शन देखला के बाद बीसीसीआई के टैलेंट ढूँढे वाला टीम के एगो अधिकारी प्रकाश पोद्दार उनके नाम राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में भेज देहलें. इहवें से धोनी के भाग चमके लागल.

बाकिर 2000 के समय में रणजी ट्रॉफी में जाए के बेरा कुछ अइसन घटना घटल कि उ क्रिकेट छोड़ के सरकारी नौकरी जॉइन कर लेहलें. उ उहाँ टिकट चेकर के तौर पर तीन साल काम कइलें. हालांकि उनकर सीनियर उनके क्रिकेट खेले खातिर प्रेरित कइलें, एही से उ मैच खेलत रहलें. एही के बदौलत उनके नाम 2003 में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में गइल. ओकरा बाद 2004 में इंडिया – ए टीम में उ शामिल भइलें अउरी केन्या आ जिंबाबे टीम के साथे हरारे जिंबाबे में त्रिकोणीय शृंखला में खेले गइलें. उहवाँ दुनू प्रतिद्वंदी टीमन के खिलाफ जवन उनके शानदार प्रदर्शन रहल, उ भारतीय टीम के तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली अउरी सेलेक्टर रवि शास्त्री के नजर में आ गइलें.

एहीजा से चमकल धोनी के किस्मत आ उ सीधे 2004 के बांग्लादेश टूर पर भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में शामिल हो गइलें. हालांकि अपना पहिला अंतर्राष्ट्रीय मैच में उ आवते रन आउट हो गइलें. बाकिर अपना औसत प्रदर्शन के बाद भी उनके पाकिस्तान वनडे सीरीज में शामिल कइल गइल. 2005 के एह सीरीज में अपना पाँचवा वनडे मैच में उ 123 गेना पर 148 रन के पारी खेललें अउरी सबके चौंका देहलें. एही साल उ श्रीलंका के खिलाफ 145 गेना में 185 रन मार के सबके पसंदीदा बन गइलें. अपना सतर्क विकेटकीपिंग के चलते उनका सामने खड़ा होखे वाला हर बल्लेबाज के हाँड़ काँपे लागल कि कब उ हमके स्टम्प आउट कर दिहें.

धोनी भारत के 2007 में टी ट्वेंटी विश्वकप, 2011 के क्रिकेट विश्वकप आ 2013 के चैंपियंस ट्रॉफी भी जितवलें. ई सब धोनी के कप्तानी में भइल. भारत के हमेशा नाम ऊंचा करे वाला धोनी के जीवन में कई भर भूचाल आइल. उनके जीवन पर बनल फिल्म ‘महेंद्र सिंह धोनी – द अनटोल्ड स्टोरी’ में उनके एगो प्रेमिका के जिक्र बा, जेकरा से उ बेतहाशा प्यार करत रहलें अउरी दुनू जाना शादी भी करे वाला रहे लोग, तबले उनके प्रेमिका के एक्सीडेंट में मृत्यु हो गइल. धोनी अपना पत्नी साक्षी से एगो होटल में चेकइन के दौरान मिललें जब उ धोनी के बिना पहचनले, उनके पूछताछ करे लगली. एही जा से दुनू जाना में नजदीकी आइल आ फेर ई रिश्ता शादी में बदलल.

अब धोनी के एगो सुंदर बेटी जीवा भी बिया अउरी उ आपन रिटायरमेंट के जिनगी खेलत – कुदत बिता रहल बाड़ें. हालांकि उ अभियो आईपीएल में खेलबे करेलें अउरी संभव बा कि उनके आगे भी क्रिकेट मैदान पर आपन सिग्नेचर हेलिकॉप्टर शॉट लगावत देखे के मौका मिलत रही.

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