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ऐश पॉन्ड घटना: जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

  • महाजेनको पर जांच का दबाव
  • 47.4 हेक्टेयर में फसल को क्षति पहुंची, सर्वे पर सरपंचों की आपत्ति

कोराडी. गत शनिवार को खसाला ऐश पॉन्ड फूटने के बाद मौजा खसाला, मसाला, कवठा, सुरादेवी, खैरी गांवों में किसानों की फसलें, जलापूर्ति योजना, जलसंपदा विभाग की पुच्छ नहर का भारी नुकसान हुआ. नागरिकों में ताप बिजलीघर के अधिकारियों के प्रति भारी असंतोष  है. इसे देखते हुए सोमवार को जिलाधिकारी विमला आर. ने ताप बिजलीघर के मुख्य अभियंता, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल प्रादेशिक अधिकारी, उपविभागीय अधिकारी, बीडीओ, कृषि अधिकारी, जलसंपदा अधिकारी की संयुक्त बैठक आयोजित कर करीब 1 घंटे मंथन किया एवं सभी संबंधित अधिकारियों को यथाशीघ्र घटना स्थल जाकर, नमूने लेकर रिपोर्ट देने को कहा है.

कृषि अधिकारी को ऐश-मिट्टी के नमूने लेकर खेती पर क्या असर हुआ, पानी के नमूने लेकर यह पानी पीने योग्य है या नहीं, इसकी जांच के आदेश दिए. उल्लेखनीय है कि खैरी गांव की जलापूर्ति योजना क्षतिग्रस्त हुई है. दो कुओं में राख मिश्रित पानी समा गया था. 4 मोटर पंप खराब हो गये थे, आपूर्ति पाइपलाइन, सोलर प्लांट भी खराब हो गये. सभी विभागों को नुकसान का आकलन करने, राख बांध की शीघ्र मरम्मत करने के आदेश जिलाधिकारी ने दिये.

महाजेनको में हलचल

महानिर्मिति सुव्यवस्था संचलन कार्यकारी संचालक चंद्रकांत थोटवे, पर्यावरण सुरक्षा कार्यकारी संचालक नितिन वाघ रविवार को अचानक कोराडी पहुंचे. ऐश पॉन्ड घटना स्थल का मुआयना किया. पर्यावरण पर राख का क्या असर हुआ, इसका भी जायजा लिया. ये दोनों अधिकारी अपनी रिपोर्ट महानिर्मिति मुख्य महाप्रबंधक संजय खंदारे को सौंपेंगे. जानकारी अनुसार ऐश पॉन्ड  निर्माण कार्य की जांच करने को लेकर महानिर्मिति पर दबाव बना हुआ है. महानिर्मिति द्वारा पहल का इंतजार किया जा रहा है.

SDO ने जिलाधिकारी को सौंपी रिपोर्ट

जानकारी अनुसार उपविभागीय अधिकारी श्याम मदनुरकर ने सोमवार को अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी. रिपोर्ट में बताया गया कि मसाला, कवठा, खसाला, खैरी कुल 89 सर्वे है. 69.91 हेक्टेयर में फसल है. इसमें से 16.25 हेक्टेयर में धान, 4.5 हे. में कपास, 25 हे. में सोयाबीन, 0.55 हे. में मौसंबी-आम फसल. 1.1 हे. में सब्जी, 47.4 हे. में फसल नुकसान हुआ है. 12 घरों को क्षति पहुंची है. करीब 2 लाख 97 हजार का नुकसान बताया गया. खसाला, खैरी, सुरादेवी के सरपंचों ने सर्वे पर आपत्ति दर्शायी है. कहा कि सर्वे बराबर नहीं किया एवं दबाव में नुकसान कम दर्शाया गया है.

महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त

ऐश पॉन्ड मामले में ताप बिजलीघर की 12 लाख की बैंक गारंटी जब्त करने की खबर है. सूत्रों के अनुसार राख बांध की ऊंचाई बढ़ाने हेतु पर्यावरण विभाग से क्लीयरेंस नहीं दिया गया. महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोराडी ताप बिजली घर व्यवस्थापन को आड़े हाथों लिया. प्रादेशिक अधिकारी अशोक खरे ने नोटिस देकर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है. लगाये गये चार्ज बेहद गंभीर है जिसे देखने से लगता है बिजली घर में कितनी घोर लापरवाही कार्यप्रणाली चलती है. आम आदमी को इसकी भनक भी नहीं लगती.

प्रदूषण बोर्ड द्वारा लगाये गये चार्जेस

  • फ्लाई ऐश नोटिफिकेशन के बावजूद त्रुटियां पूर्ण नहीं की गई. फलस्वरूप यह हादसा हुआ. इसका खामियाजा खैरी, खसाला, मसाला, कवठा, सुरादेवी, बोरगांव, येरखेड़ा, भीलगांव और सिंचाई को विभाग को भुगतना पड़ा.
  • ताप बिजली घर का राख पानी कोलार, कन्हान में जाता है. समीपस्थ गांवों की जलापूर्ति योजनाएं बाधित हो रही हैं.
  • खसाला ऐश पॉन्ड के आसपास बड़े पैमाने पर राख जमा हो जाती है. नालों से या ड्रेन से रेडिश पानी निकलते दिखता है. विशेषत: यह यूनिट 6 से होता है. यही पानी कन्हान नदी में जाता है.
  • ऐश पॉन्ड  की ऊंचाई हेतु पर्यावरण विभाग की मंजूरी नहीं ली गई.
  • मानसून पूर्व ऐश पॉन्ड का सर्वे नहीं किया गया एवं सुरक्षा इंतजाम भी नदारद रहे. फलस्वरूप यह घटना घटी. पानी प्रदूषण एक्ट 1974 अंतर्गत सेक्शन 33 ए व वायु प्रदूषण एक्ट 1981 के तहत कार्यवाही क्यों नहीं की जाए. यह जवाब भी मांगा गया है. इस संबंध में नोटिस खापरखेड़ा बिजलीघर के मुख्य अभियंता को भी दिया गया.
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