news21cg

भारत को लंबे वक्त से 5G सर्विस का इंतजार था। हालांकि अब यह इंतजार खत्म होने जा रहा है, क्योंकि कैबिनेट की तरफ से 5G स्पेक्ट्रम नीलामी को मंजूरी दे दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई के आखिरी तक 5G स्पेक्ट्रम नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। वही केंद्रीय संचार मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कंफर्म कर दिया है कि भारत में अगले साल मार्च 2022 तक पूरी तरह से 5G सर्विस को रोलआउट कर दिया जाएगा।

  • 4G के मुकाबले 10 गुना फास्ट होगा 5G

ऐसा दावा किया जा रहा है कि 4G के मुकाबले 5G सर्विस 10 गुना तेज होगी। देश का कारपोरेट सेक्टर तेज 5जी सेवा के शुरू होने की आस लगाए है ताकि वह कई दूसरी तरह की संचार आधारित सेवाएं प्रारंभ कर सके। स्पेक्ट्रम नीलामी के बारे में देश के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘इस प्रक्रिया से देश में 5जी स्पेक्ट्रम पर आधारित एक इकोसिस्टम बनेगा, जिसे पूरी तरह से भारत में ही बनाया गया होगा और भारतीय तकनीक पर चलेगा।

  • क्या होगा खास

सरकार की योजना 72 हजार मेगाहट्र्ज से ज्यादा स्पेक्ट्रम की नीलामी करने की है। ये स्पेक्ट्रम 600, 700, 800, 900, 1800, 2100, 2300, 2500, 3300 व 26,000 मेगाहट्र्ज बैंड में उपलब्ध होंगे।


ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम ने कहा है कि स्पेक्ट्रम नीलामी से देश में 5जी आधारित नेटवर्क पर नए तरह के कारोबार करने वालों की संख्या बढ़ेगी और यह उद्यमशीलता को बढ़ावा देगा।


गूगल, टाटा टेलीसर्विसेज, अमेजन, मेटा (फेसबुक) जसी कंपनियां इस फोरम की सदस्य हैं। इन कंपनियों ने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें सीधे नीलामी प्रक्रिया में भाग लेकर स्पेक्ट्रम खरीदने की इजाजत दी जाए।


दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 5जी स्पेक्ट्रम पर आधारित इकोसिस्टम स्वदेशी तकनीक पर चलेगा।
ऐसा माना जा रहा है कि स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान एयरटेल और जियो के बीच मुख्य प्रतिस्पर्धा होना तय है। रिपोर्ट के मुताबिक पूरा स्पेक्ट्रम बिकने पर सरकार को 4.3 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे।

news in hindi today, news in hindi , news from india , news hindi , news today, news googel,