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स्विटजरलैंड सरकार ने एक इच्छामृत्यु ​​​​​​की मशीन(सुसाइड पॉड) को कानूनी मंजूरी दी है। इस मशीन की मदद से गंभीर रोग से पीड़ित मरीज बिना दर्द के शांति से मौत को गले लगा सकेंगे। इसे बनाने वाली कंपनी ने बताया है कि मशीन के अंदर ऑक्‍सीजन का लेवल बहुत कम कर दिया जाता है, जिससे 1 मिनट के अंदर इंसान की मौत हो जाती है। ताबूत के आकार की इस मशीन का नाम सरको रखा गया है। स्विट्जरलैंड में 1942 से इच्छामृत्यु को कानूनी मान्यता प्राप्त है।

वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि यह मशीन खुदकुशी को बढ़ावा देगी जो कि सही नहीं है। कहा जा रहा है कि मशीन उन मरीजों के लिए उपयोगी है जो बीमारी की वजह से हिल- डुल नहीं पाते। मशीन के अंदर मौजूद शख्स पलक झपकाकर भी इसे ऑपरेट कर सकता है। इस मशीन को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। इसमें 3D- प्रिंटेड बॉयोडिग्रेडिबल कैप्सूल लगा है जिसे ताबूत की तरह यूज किया जा सकता है।

इस मशीन को बनाने की सलाह NGO एक्जिट इंटरनेशनल के डॉयरेक्टर डॉ. फिलिप निटस्‍के ने दी है। फिलिप को डॉ. डेथ भी कहा जाता है।

स्विटजरलैंड में इच्छामृत्यु वैध

स्विटजरलैंड में इच्छामृत्यु के लिए किसी तरीके की मदद लेना लिए कानूनी तौर पर वैध है। पिछले साल करीब 1300 लोगों ने इच्छामृत्यु के लिए कई संगठनों की मदद ली। डॉक्‍टर डेथ ने कहा- अगर कोई दिक्कत नहीं हुई तो यह मशीन अगले साल तक यूज के लिए देश में मौजूद होगी। यह अब तक सबसे महंगा प्रोजेक्‍ट है लेकिन हम इसे शुरू करने करने के बेहद करीब हैं।

डॉक्‍टर डेथ की हो रही आलोचना

वहीं, बड़े पैमाने पर लोग डॉ. डेथ की आलोचना भी कर रहे हैं। लोग मशीन में इस्‍तेमाल किए जाने वाले तरीके को गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह एक गैस चेंबर की तरह से है। कुछ दूसरे लोगों ने कहा कि यह मशीन आत्‍महत्‍या को बढ़ावा देगी। फिलहाल दो सरको मशीन का प्रोटाेटाइप बनकर तैयार हो गया है। एक तीसरी मशीन का भी प्रोडक्शन किया जा रहा है, जो अगले साल तक तैयार हो जाएगी।

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