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पाकिस्तान क्रिकेट को अब्दुल्ला शफीक के रूप में नया स्टार मिल गया है. 22 साल के अब्दुल्ला शफीक ने श्रीलंका के खिलाफ पाकिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई. उन्होंने बुधवार को वो कारनामा कर दिखाया, जो सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, विराट कोहली से लेकर रोहित शर्मा जैसे दिग्गज भी नहीं कर सके हैं. पाकिस्तानी ओपनर अब्दुल्ला शफीक ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की चौथी पारी में 160 रन की नाबाद पारी खेली. इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड 408 गेंदों का सामना किया.

मेजबान श्रीलंका ने गॉल में खेले गए टेस्ट मैच में पाकिस्तान को जीतने के लिए 342 रन का लक्ष्य दिया था. टूटती पिच पर यह स्कोर बनाना असंभव को संभव करने जैसी चुनौती थी. लेकिन पाकिस्तान ने हार नहीं मानी. उसने 127.2 ओवर में 6 विकेट खोकर 344 रन बना लिए. इस असंभव को संभव किया पाकिस्तानी ओपनर अब्दुल्ला शफीक ने, जो अपने करियर का सिर्फ छठा टेस्ट मैच खेल रहे थे.

22 साल के अब्दुल्ला शफीक ने 160 रन की पारी में 408 गेंदों का सामना किया. यह 145 साल के टेस्ट इतिहास में सिर्फ पांचवां मौका है, जब किसी बल्लेबाज ने चौथी पारी में 400 से अधिक गेंदें खेली हैं. उनसे पहले सिर्फ इंग्लैंड के माइक आथर्टन और हरबर्ट सटक्लिफ, भारत के सुनील गावस्कर व पाकिस्तान के बाबर आजम ने ही चौथी पारी में इतनी गेंदें खेली थीं.

रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करने उतरे पाकिस्तान के पास वक्त पर्याप्त था, बस जरूरत थी कि कोई बल्लेबाज पूरे धीरज के साथ क्रीज पर खड़ा रहे. युवा बल्लेबाज शफीक ने यह जिम्मेदारी उठाई. अब्दुल्ला शफीक के धैर्य का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 408 गेंद की अपनी पारी में सिर्फ 7 चौके व एक छक्का लगाया. शफीक चौथी पारी में 8 घंटे 44 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे. उन्होंने पाकिस्तान की पहली पारी में 47 गेंद पर 13 रन बनाए थे.

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