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संजय दत्त अपनी मां नरगिस दत्त के बेहद करीब थे। नरगिस और सुनील दत्त के तीन बच्चों में सबसे बड़े संजय ने 22 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था। संजय की बहन नम्रता ने संजय की जीवनी में बताया था कि कभी-कभी मां संजय की हरकतों से परेशान हो जाती थीं। इतना ही नहीं कभी-कभी तो तंग आकर संजय को उल्लू-गधा कहकर बुलाती थी।
मां को ऐसा क्यों लगा कि संजय गे नहीं हैं या नहीं?
यासर उस्मान की किताब संजय दत्त: द क्रेजी अनटोल्ड स्टोरी ऑफ बॉलीवुड्स बैड बॉय में नम्रता एक ऐसी घ टना का वर्णन करती हैं जहां संजय की एक हरकत ने मां को संदेहा स्पद बना दिया कि वह सम लैंगिक है। एक दिन अपने एक दोस्त से बात करते हुए उसने कहा था- संजय कमरे में बंद अपने दोस्तों के साथ क्या करता है, क्या बात है? आशा है कि वह सम लैंगिक नहीं है।
आंखें बंद करके संजय पर भरोसा करती थीं नरगिस
किताब में प्रिया दत्त ने कहा था कि नरगिस संजय पर आंख मूंदकर भरोसा करती थीं। उसे तो यकीन ही नहीं हुआ कि संजय ड्रग्स करता है। जब कुछ लोगों ने मां को संजय के बारे में बताया तो वह कहती थी, मेरा बेटा कभी शराब नहीं पीता और न ही उसने कभी DR-ग्स लिया है। आपको बता दें कि एक समय ऐसा भी आया जब संजय दत्त को DR-ग्स की लत लग गई थी।
मां संजय को भेजा था ये आखिरी मैसेज
संजय को उनकी मृ त्यु के दो साल बाद अपनी मां का अंतिम संदेश मिला था, जिसे सुनकर संजय बहुत रोए। नरगिस ने कहा था, ‘संजू, हमेशा विनम्र रहो, कभी कुछ बुरा मत करो, हमेशा अपने बड़ों का सम्मान करो। ये चीजें आपको बहुत आगे ले जाएंगी और आपको इससे काफी ताकत मिलेगी।’
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