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क्रिकेट के मैदान में अक्सर हैरान करने वाले वाकये हुए हैं. कभी एक मैच में 4 खिलाड़ी विकेटकीपिंग के लिए उतरे, उसमें से भी एक को संन्यास से लौटना पड़े. ऐसी घटना के बारे में कम ही सुनने और पढ़ने को मिलता है. हालांकि, क्रिकेट इतिहास में 25 जुलाई का दिन ऐसी ही एक घटना के लिए  मशहूर है. 1986 में आज ही के दिन इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स टेस्ट मैच में ऐसा ही कुछ हुआ, जब इंग्लैंड की तरफ से 4 विकेटकीपर उतरे. इसमें से 2 तो प्लेइंग-XI का हिस्सा तक नहीं थे. इसमें से एक ने 45 साल की उम्र में संन्यास से वापसी करते हुए इंग्लैंड के लिए विकेटकीपिंग की. आखिर क्यों इंग्लैंड टीम के साथ ऐसी नौबत आई और इस मैच का नतीजा क्या रहा? यह आपको बताते हैं.

जेरेमी कोनी की कप्तानी वाली न्यूजीलैंड की टीम 1986 में इंग्लैंड दौरे पर गई थी. सीरीज का पहला टेस्ट लॉर्ड्स में था. इंग्लैंड की टीम पहले बल्लेबाजी कर रही थी. टेस्ट के दूसरे दिन यानी 25 जुलाई, 1986 को इंग्लैंड को छठा झटका 258 रन के स्कोर पर गिरा. इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रूस फ्रेंच बल्लेबाजी के लिए उतरे. 11 गेंद खेलने के बाद भी उनका खाता नहीं खुला था. इसके बाद रिचर्ड हेडली की एक बाउंसर से बचने के लिए वो पीछे हटे. लेकिन, गेंद उनके हेलमेट पर जा लगी और उनके सिर से खून निकलने लगा. उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा. ब्रूस बिना खाता खोले 12 गेंद खेलकर रिटायर्ड हर्ट हो गए. इसके बाद इंग्लैंड की पहली पारी 307 रन पर खत्म हुई.

हेडली की बाउंसर पर इंग्लिश विकेटकीपर हुआ चोटिल
अब बारी इंग्लैंड की फील्डिंग की थी. लेकिन, टीम के विकेटकीपर ब्रूस फ्रेंच चोटिल होने के कारण खेलने की स्थिति में नहीं थे. ऐसे में इंग्लैंड को रिप्लेसमेंट विकेटकीपर की तलाश थी. इसके बाद नंबर-3 पर खेलने वाले बल्लेबाज बिल ऐथे ने दस्ताने पहने. लेकिन, उन्होंने सिर्फ दो ओवर ही विकेटकीपिंग की. इसके बाद मैदान पर फुलऑन ड्रामा हुआ. उस वक्त इंग्लैंड के पूर्व विकेटकीपर बॉब टेलर मैदान पर ही मौजूद थे. वो इस सीरीज की स्पॉन्सर कॉर्नहिल इंश्योरेंस के लिए पब्लिक रिलेशन का काम देख रहे थे. इंग्लैंड के कप्तान माइक गैटिंग ने टेलर को विकेटकीपिंग के लिए मनाया. फिर न्यूजीलैंड के कप्तान कोनी से इसकी इजाजत ली.

संन्यास से लौटकर विकेटकीपिंग की
मेहमान टीम से हरी झंडी मिलने के बाद 45 साल की उम्र में टेलर ने संन्यास से वापसी करते हुए इंग्लैंड के लिए विकेटकीपिंग की. उनके प्रदर्शन को देखकर नहीं लगा कि उन्हें संन्यास लिए लंबा वक्त हो चुका है. हालांकि, अगले दिन लंच के बाद हैंपशायर के बॉबी पार्क्स ने टेलर के स्थान पर विकेटकीपिंग की, जिन्हें पहले ढूंढा जा रहा था. मजे की बात यह है कि पार्क्स भी प्लेइंग-XI में शामिल नहीं थे.

ब्रूस फ्रेंच ने चौथे दिन चोट ठीक होने पर मैदान पर वापसी की. हालांकि, उन्हें विकेटकीपिंग का ज्यादा मौका नहीं मिला, क्योंकि मैच के तीसरे दिन ही न्यूजीलैंड के 342 रन पर 9 विकेट गिर चुके थे. चौथे दिन इसी स्कोर पर न्यूजीलैंड की पारी खत्म हो गई. दिलचस्प बात है कि इस टेस्ट में ब्रूस फ्रेंच, बिल ऐथे, बॉब टेलर और बॉबी पार्क्स में से किसी ने भी विकेटकीपिंग करते हुए एक कैच भी नहीं लपका.

इंग्लैंड-न्यूजीलैंड के बीच हुआ मैच रहा ड्रॉ
इंग्लैंड के पहली पारी में 307 रन के जवाब में न्यूजीलैंड ने 342 रन बनाए थे. इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी 295/6 के स्कोर पर घोषित कर दी थी. न्यूजीलैंड को जीत के लिए 261 रन का टारगेट मिला था. इसके जवाब में कीवी टीम 2 विकेट खोकर 41 रन ही बना सकी और यह मुकाबला ड्रॉ रहा.

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